पढ़ना जरूरी है।क्यो?

Aakhir Shiksha Kyon jaruri hai
              पढ़ना क्यों जरूरी है
          आज के समय में पढ़ाई का सीधा सीधा मतलब नौकरी से होता है जहां भी देखो सिर्फ नौकरी की चर्चा होती है ।मेरा बेटा  कोटा में पढ रहा है ,मेरी बेटी पटना में पढ रही है इत्यादि ।
            कोई बताएगा पढ़ने का मतलब क्या होता है ?आखिर पढ़ाई क्यों जरूरी है? सिर्फ एक नौकरी पा लेने से पढ़ने का मकसद पूरा हो जाएगा क्या आपको लगता है? आज मैं आपको बताता हूं पढ़ाई क्यों जरूरी है
             एक परिवार में पति पत्नी और उसके दो बेटे थे। अच्छे से खुशी पूर्वक परिवार चलता है  परिवार में सभी खुश  रहते हैं। बड़ा बेटा थोड़ा कम पढ़ा लिखा था जबकि छोटा बेटा  पढ़ा लिखा था।बड़ा बेटा कुछ काम सीख कर अच्छा खासा पैसा कमा लिया करता था  जबकि छोटा बेटा नौकरी की तलाश में अपनी तैयारी कर रहा था ।बड़े बेटे की शादी हो जाती है फिर उसके बच्चे भी हो जाते हैं हंसी खुशी  परिवार चलता रहता है छोटा सा बच्चा दादा दादी के साथ खेलता है । मां बाप अपने दोनों बेटा से बहुत प्यार करता है कभी भी उन्हें दुख में नहीं देखना चाहता है।
                   एक बार की बात है बच्चा घर के आंगन में खेल रहा होता है दादाजी भी साथ होते हैं। दादाजी को अचानक कुछ काम आ जाने के कारण घर में बिना बताए बाहर चले जाते हैं ।तब तक बच्चा घरके दरवाजे से बाहर होकर सड़क पर निकल जाता है ।कोई पड़ोसी यह देखकर बच्चे को घर मैं लाता है और बोलता है कि आप लोग इस तरह बच्चे को क्यों छोड़ते हैं। रोड पर गाड़ी चलती है कुछ हो जाएगा तो। यह सब देखकर बड़े बेटे को बहुत गुस्सा आया और जब उसके पापा मतलब बच्चा के दादाजी घर आए तो मैं बहुत खरी-खोटी सुनाने लगे । वह बूढ़ा बाप चुपचाप सारी बातें सुन लेता है और अपने कमरे में जाकर बैठकर रोने लगता है जब छोटा भाई को यह पता चलता है तो वह अपने पापा के पास जाकर उन्हें प्यार से अच्छे से समझा जाता है कि कोई बात नहीं भैया गुस्से में इस तरह बोल दिए लेकिन बूढ़े पापा रोए जा रहे थे  ।
              आपको लग रहा होगा  कि है कोई बनाया कहानी है तो यह बात बिल्कुल गलत है। यह मेरे अपने परिवार यानी चाचा जी के घर की कहानी है ।और यह कहानी कुछ खास नहीं है इस तरह  की घटना  या इससे भी बहुत ज्यादा बड़ी घटनाएं हम लोग अपने समाज में सुनते हैं या देखते हैं।। पता है क्यों क्योंकि यहां पर शिक्षा का अभाव होता है अगर उस बड़े बेटे को अच्छी शिक्षा मिली होती है तो आज उसके पापा को ईस तरह  दिल के आंसू रोना नहीं पड़ता । पापा अपने बेटे को इतना प्यार करते हैं आज उनके वजह से उनकी आंख में आंसू आ गए और वह  दिल से रो रहे थे
             आप बता सकते हैं किसकी गलत  थी । उस बूढे बाप को यह नहीं पता था कि पोता रोड पर आ जाएगा वह तो प्यार से अपने पोता को आंगन में खेला रहे थे ।सब कोई साथ में थे उनको काम आया तो निकल गए बाकी लोग घर  में ही था ।किसी का ध्यान बच्चे पर नहीं गया और सारी बातें उस बेचारे बूढ़े बाप को सुनना पड़ गया
          कुछ दिन बाद छोटे बेटे की नौकरी लग जाती है उसकी भी शादी हो जाती है और उसकी पत्नी की वजह से घर में समस्या उत्पन्न हो जाती है और वह भी अपने मां-बाप को अच्छे से नहीं मानने लगता है आज उसके मां-बाप को कितना बुरा लगता है एक बेटा बिना पढ़ा लिखा एक बेटा पढ़ा लिखा आज कोई भी अपने मां बाप की सेवा नहीं करता है शिक्षा जो सही तरीके से नहीं मिली और और अशिक्षा दोनों ही खतरनाक चीज होता है।
       पढ़ाई का मकसद सिर्फ पैसा कमाना ही नहीं बल्कि अपने से बड़ों का इज्जत करना छोटों को प्यार करना साथ ही समाज के प्रति अपनी अच्छी सोच रखना दिल में दया रखना मदद का भाव रखना जरूरतमंदों की सहायता करना भी होना चाहिए
            आप लोगों को मेरी यह पोस्ट कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताना धन्यवाद।

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